वीर : BlogchatterA2Z

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              ये पंक्तियाँ मैं हर उस सिपाही को समर्पित करता हूँ जो हमारे लिए सीमा पर हर पल अपनी जान हथेली पर लिए बैठे है | हमारी हर साँस उनकी ही देन है |

कविताओं  ने  है  भरी  हुंकार, के  कलम  को  तलवार  बनाया  है,

जो  मिला  नहीं  शृंगार  में, वो  मैने  वीर  रस  में  पाया  है…||

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शत  शत  नमन

पास  नहीं  कुछ  भी  देने  को,
मैं  अपना  यौवन  देता  हूँ,

सब  रिश्ते-नातों  के  उपर  मैं,
धरती  माँ  का  बेटा  हूँ,

सर  कट  जाए, धड़  माने  न  हार,
मैं  अटूट  वचन  ये  देता  हूँ,

साँसें  गर  ये  पर्याप्त  नहीं,
मैं  सातों  जीवन  देता  हूँ,

हर  ‘कैसे?’  ‘क्यूँ?’  का   उत्तर  मैं,
जय   हिन्द   कह   कर  देता   हूँ,

वन्दे   मातरम   देता   हूँ ||

♥ ♥ ♥                                 doc2poet

अगर आपको मेरी कविताएँ पसन्द आयें तो मेरी पुस्तक “मन-मन्थन : एक काव्य संग्रह” ज़रूर पढ़ें| मुझे आपके प्यार का इन्तेज़ार रहेगा |

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मैं आज़ाद हूँ

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Salute to the Great Chandrashekhar Azad and thousands of unnamed martyrs on the Birth Anniversary of Azad himself. RIP

One individual may die for an idea, but that idea will, after his death, incarnate itself in a thousand lives.

                                                                 –Subhas Chandra Bose

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Indian Bloggers
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एक श्रद्धांजलि

(23 July 1906- 27 Feb 1931)


के  जिनके  बलिदान  के  बिस्तर  पर ,

हम  चादर  ताने  सोते  हैं ;

शत  शत  नमन  उन  वीरों  को,

जो  शहीद  होकर  ही  आज़ाद  होते  हैं ||

                                 -doc2poet

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चिंगारी  आज़ादी  की  सुलगी  मेरे  ज़हन  में  है,

इन्क़लाब  की  ज्वालायें  लिपटी  मेरे  बदन  में  हैं,

मौत  जहाँ  जन्नत  हो  वो  बात  मेरे  वतन  में  है,

क़ुर्बानी  का  जज़्बा  ज़िंदा  मेरे  कफ़न  में  है ||

                                       -चंद्रशेखर आज़ाद 

***

May his soul rest in peace, Amen.

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Unsung Heroes: #Azad

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Salute to the Martyr Chandrashekhar Azad on his Birth anniversary. May his soul rest in peace with all those unnamed martyrs who laid down their lives for us. RIP

शहादत सप्तक और मिट्टी ही मेरा निषाद है, 
मृत्यु मे मैं क़ैद सही पर इन्क़लाब मेरा आज़ाद है ||

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          I am extremely delighted to be writing this piece to honor the martyrs-the real heroes of rising India. I recently saw a trailer of a movie based on the famous Red fort Trials which have remained away from the limelight despite being one of the most important event in India’s struggle for independence. I am sure the movie is going to be a masterpiece. Here’s something to put things in perspective.

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                It has been more than 70 years since our national flag breathed free air for the first time in 1947 and we owe every bit of this victory to selfless heroes who laid down their lives for it. We can never be sure about who played the most pivotal role in the ‘struggle for independence’ but one thing is certain that it…

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शत शत नमन (1)

Indian Bloggers

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शहीद

के जिनके बलिदान के बिस्तर पर ,

हम चादर ताने सोते हैं ;

भूल बैठे हैं आहुति उनकी ,

के ख़्वाब बड़े…पर दिल छोटे हैं ;

 जीते थे जो हम-तुम के लिए ,

शहादत पे उनकी हम क्यूँ रोते हैं ;

आओ नमन करें उन वीरों को ,

और खुशियों के बीज बोते हैं ;

 के मोक्ष मिले हर साये को,

जो सरहद पर जीवन खोते हैं ;

बेनाम नहीं…शहीद हैं वो,

वो देश के बेटे होते हैं…

वो देश के बेटे होते हैं ||

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