#BlogchatterA2Z : E

Solitude can teach you a lot of things. You can talk to yourself in the peace and tranquil ambiance of a quite night; you need expert advice too. I am writing this post at night only. Keep writing and reading.

Powered by #BlogchatterA2Z for Apr’21 and hosted by https://www.theblogchatter.com/

तिश्नगी : #BlogchatterA2Z

t
Top post on IndiBlogger, the biggest community of Indian Bloggers

T

मुक़म्मल जहाँ की प्यास किसे नहीं है | हम दिन रात बस थोड़ी और खुशी, थोड़े और रुपये, थोड़े इसकी थोड़े उसकी आस में बिता देते हैं | पर इस प्यास को बुझा पाना जितना आसान है उतना ही मुश्किल भी |

मुकम्मल जहाँ की तलाश में,

फिरते रहे मारे-मारे ;

कैसे मिले जो खोया ही नहीं,

हर पल पास है हमारे;

बस आँखें बंद करने की देरी है,

जी उठेंगे दिलकश नज़ारे;

के लड़खड़ाते कदम राह अपनी ढूंड ही लेंगे,

कभी यादों की भीड़ में, कभी तनहाई के सहारे ||

♥ ♥ ♥ doc2poet

अगर आपको मेरी कविताएँ पसन्द आयें तो मेरी पुस्तक “मन-मन्थन : एक काव्य संग्रह” ज़रूर पढ़ें| मुझे आपके प्यार का इन्तेज़ार रहेगा |

1qws (2)
Buy online

ॐ शांतिः #BlogchatterA2Z

o
Top post on IndiBlogger, the biggest community of Indian Bloggers

O

          सुख और शांति का पीछा करते हुए हम सारा जीवन निकाल देते हैं, पर फिर भी उसे ढूंड नहीं पाते| हम भूल जाते हैं के खुशियाँ कभी हमसे दूर नहीं जाती, ये तो हमेशा हमारे आस पास ही रहती हैं; बस हम इन्हें देख ही नहीं पाते | सब चिंताओं को छोड़कर हमें वर्तमान में जीना चाहिए |

ॐ शांतिः

काल   करे   सो   काल   ही   कर,  के   आज   भी   तो   कल   का   कल;

करते   जाने   की   होड़   में, कहीं   बीत   न   जाए   ये   पल…||

♥ ♥ ♥                                 doc2poet

हम  बड़ी  खुशियों  का  इंतज़ार  करते  रह  जाते  हैं  और  छोटी -छोटी  खुशियों  को  अक्सर   भूल जाते हैं |

सुनहरे  सपनों  की  आड़  में,
ज़िंदगी  के  रंगीन  पल, गुप-छुपकर  निकल  जाते  हैं;

गिर  कर  उठना  तो  याद  रहता  है,
भूल  जाते  हैं…जब  लड़खडाकर  सम्भल  जाते  हैं|

ये  पल  धुंधली  यादें  बनकर,
होठों   पर  कभी  झिलमिलाते  हैं;

और  कभी  आँसू  बनकर ,
आँखों  में  पिघल  आते  हैं |

पर   वक़्त  से  इस  कशमकश  में,
दिल-ए-नादान  मुस्कुरा  ही  लेता  है;

बस  खुशी  के  पैमाने  बदल  जाते  हैं,
खुशी  के  पैमाने  बदल  जाते  हैं ||

♥ ♥ ♥                                 doc2poet

कबीर जी के अंदाज़ में कहूँ तो…

आपहु  मस्ती  काटिए,

हँसिए  और  हंसाए,

चिंता  का  ऐनक  उतार  फेंक,

तो  जाग  सुंदर  हो  जाए,

ऐसा  जीवन  हो  लाजवाब,

गर  सच  में  कोई  कर  पाए,

सच्चा  साथी  है  मूल  मंत्र ,

जो  सच्ची  राह  दिखाए  ||

♥ ♥ ♥                                 doc2poet

ॐ शांतिः   ॐ शांतिः   ॐ शांतिः

अगर आपको मेरी कविताएँ पसन्द आयें तो मेरी पुस्तक “मन-मन्थन : एक काव्य संग्रह” ज़रूर पढ़ें| मुझे आपके प्यार का इन्तेज़ार रहेगा |

1qws (2)
Buy online

लहरें : BlogchatterA2Z

l

Top post on IndiBlogger, the biggest community of Indian Bloggers

L               एकांत में साहिल पर बैठकर आती-जाती लहरों की कल-कल को सुनने और डूबते हुए सूरज को टकटकी लगाकर देखने से ज़्यादा शांति देने वाली और कोई जगह शायद इस जहाँ में ही नही है | हाल ही में गोआ के केंडोलिम बीच पर एक हसीन शाम में ये पंक्तियाँ काग़ज़ पर स्वयं ही उतर आईं |

इन किनारों पर हर सवाल का जवाब छुपा है…

प्यासी  रेत  को  सताती  ये  लहरें,

किरणों  की  चादर  ओढ़े  थिरकती  लहरें,

जाँबाज़ों  की  पतवार  तले  उफनती  लहरें,

सुरमई  सूरज  को  आगोश  में  भरती  लहरें,

सोए  किनारों  को  जगाती  लहरें,

डूबी   यादें  तटों  तक  लाती  लहरें,

20180225_182455

जाने  क्यूँ  बेचैन  सी  रहती  हैं  ये ?

जाना  कहीं  नहीं   पर  निरन्तर  चलती  लहरें,

गाती  गुनगुनाती  लहरें,

 गुस्से  में  शोर  मचाती  लहरें,

कुछ  याद  दिलाती  लहरें,

सब  कुछ  भुलाती   लहरें,

कुछ है दिल में जो बताती नहीं, 

अनजाने ही, सब कुछ कह जाती लहरें,

के ये आईना हैं हर एक दिल का,

हर राज़ जताती लहरें,

ये ख़्वाब सजाती लहरें,

ये राह दिखाती लहरें ||

♥ ♥ ♥                                       doc2poet

अगर आपको मेरी कविताएँ पसन्द आयें तो मेरी पुस्तक “मन-मन्थन : एक काव्य संग्रह” ज़रूर पढ़ें| मुझे आपके प्यार का इन्तेज़ार रहेगा |

1qws (2)
Buy Online

एकान्त : #BlogchatterA2Z

e

Top post on IndiBlogger, the biggest community of Indian Bloggers
 
E

एकान्त में एक अजीब सा सुकून है, एक ठहराव जो मन में उफनती सभी लहरों को शान्त कर देता है और गहरे घावों को भरता है | मेरा मानना है के जैसे सामाजिकता, दोस्ती, मेल-मिलाप और प्रेम-भाव हमारे लिए ज़रूरी है वैसे ही एकान्त भी हमारे जीवन का अभिन्न अंग है वो एकांत ही है जो शब्दों को जीवंत कर कविताओं का रूप देता है |

एकांत में है काव्य बसा, एकांत में तदबीर;

एकांत में है शीतलता, एकांत में मन धीर ||

*** -doc2poet

एकान्त में बीते कुछ पल हमें खुद के और करीब ले आते हैं और अगर आपने कभी अकेले सफ़र किया है तो आप इस कविता से ज़रूर जुड़ सकेंगे…

DSC037031-e1413746383476

अँधियारा आकाश यूँ नग्न सा खड़ा,

और ज़मीं पे बिखरे मोती हैं,

बादलों की है कालीन बिछी,

नदियाँ अश्रु से छोटी हैं,

मीलों हरियाली की गोद में,

सभ्यता निराली सोती हैं,

From-airplane-window

सौंदर्य पे इसके नौ निहाल,

कौन नज़र न होती है,

के एकान्त में डूबी ये उड़ान,

मन में सुकून सुकूँ सा बोती है,

शांत-सौम्य सी होती है ||

*** -doc2poet

अगर आपको मेरी कविताएँ पसन्द आयें तो मेरी पुस्तक “मन-मन्थन : एक काव्य संग्रह” ज़रूर पढ़ें| मुझे आपके प्यार का इन्तेज़ार रहेगा |

1qws (2)
Buy online