एकान्त : #BlogchatterA2Z

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एकान्त में एक अजीब सा सुकून है, एक ठहराव जो मन में उफनती सभी लहरों को शान्त कर देता है और गहरे घावों को भरता है | मेरा मानना है के जैसे सामाजिकता, दोस्ती, मेल-मिलाप और प्रेम-भाव हमारे लिए ज़रूरी है वैसे ही एकान्त भी हमारे जीवन का अभिन्न अंग है वो एकांत ही है जो शब्दों को जीवंत कर कविताओं का रूप देता है |

एकांत में है काव्य बसा, एकांत में तदबीर;

एकांत में है शीतलता, एकांत में मन धीर ||

*** -doc2poet

एकान्त में बीते कुछ पल हमें खुद के और करीब ले आते हैं और अगर आपने कभी अकेले सफ़र किया है तो आप इस कविता से ज़रूर जुड़ सकेंगे…

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अँधियारा आकाश यूँ नग्न सा खड़ा,

और ज़मीं पे बिखरे मोती हैं,

बादलों की है कालीन बिछी,

नदियाँ अश्रु से छोटी हैं,

मीलों हरियाली की गोद में,

सभ्यता निराली सोती हैं,

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सौंदर्य पे इसके नौ निहाल,

कौन नज़र न होती है,

के एकान्त में डूबी ये उड़ान,

मन में सुकून सुकूँ सा बोती है,

शांत-सौम्य सी होती है ||

*** -doc2poet

अगर आपको मेरी कविताएँ पसन्द आयें तो मेरी पुस्तक “मन-मन्थन : एक काव्य संग्रह” ज़रूर पढ़ें| मुझे आपके प्यार का इन्तेज़ार रहेगा |

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18 thoughts on “एकान्त : #BlogchatterA2Z

  1. syncwithdeep

    I can do all the three in Hindi.. Read write and speak.. U have written about being Alone. I understood the prose, but poetry is getting difficult on me.. Need to brush my Hindi skills in poetry.. Well written doc!

    Liked by 1 person

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